झाड़ू लेकर सफाई करना सांस लेने जितना ही रूटीन काम

गूगल मैप की नजर में राज बल्लभ उच्च विद्यालय, सांडी-चितरपुर, जिला-हजारीबाग़, झारखंड

गूगल मैप की नजर में राज बल्लभ उच्च विद्यालय, सांडी-चितरपुर, जिला-हजारीबाग़, झारखंड

एक वक्त था जब हाथों में झाड़ू लेकर सफाई करना हमारे लिए सांस लेने जितना ही रूटीन काम था. मैं जिस सरकारी स्कूल में पढ़ता था वहां क्लास से लेकर प्रांगण तक सफाई की जिम्मेदारी किसी सफाई कर्मचारी पर नहीं बल्कि हम विद्यार्थियों की ही होती थी. छात्र हो या छात्रा हर किसी की इसमें भागीदारी होती थी. यहां तक कि शिक्षकों को भी इससे परहेज नहीं था मगर ये अलग बात है कि बच्चों ने शायद ही कभी गुरूजी को ये मौक़ा दिया हो. क्लास मॉनिटर की जिम्मेदारी होती थी कि वह क्लास की सफाई के लिए एक ड्यूटी चार्ट मेंटेन करे जिसमें खुद उसका भी नाम होता था. किसी छात्र के अनुपस्थित रहने पर मॉनिटर को ही उसकी जगह लेनी होती थी. हर क्लास में ४-५ छात्र भिड़ते और शेष अपनी सेवा पूरे प्रांगण में देते। यह सेवा सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं थी बल्कि बाग़वानी भी इसका हिस्सा था. इस समय सारे शिक्षक यहां तक कि हेडमास्टर साब भी हम लोगों को निर्देशित और उत्साहित करने के लिए जरूर उपस्थित रहते। यह सिलसिला १५-२० मिनट चलता फिर नियमित प्रार्थना सभा लगती। प्रार्थना के बाद ड्रिल यानी व्यायाम तब जाकर कहीं शुरू होती थी कक्षा वाली पढ़ाई।