समाधान बड़ा सीधा है मगर दुकानदारी भी तो है

Intro-to-the-problemकुछ समस्याओं का समाधान बड़ा सीधा है मगर बातों को उलझाकर रखने में ही दुकानदारी है. बाकी ये चिंता वगैराह का ढोंग मत करो…

समस्या नंबर १. विश्व शान्ति के लिए विकल हैं! सच में?
समाधान: हथियारों की सारी फैक्टरियाँ बंद कर दो. लात-घूसे से कितना लड़ लेंगे? थककर शांत हो जायेंगे। लो जी, हो गयी विश्व में शांति!

समस्या नंबर २. नशाखोरी से पीढ़ियाँ बर्बाद हो रही हैं! आपका बेटा तो ठीक से है न?
समाधान: तम्बाकू, अफीम आदि की खेती बंद करा दो. सिगरेट, शराब आदि के कारखानों में ताला लगा दो. इनका व्यापार करने वालों को फांसी पर लटका दो.

समस्या नंबर ३. पर्यावरण को ख़तरा है. नदियों खत्म हो रहीं हैं, उन्हें बचाना है.
समाधान: हर हर गंगे! कितना झूठ बोलेगा बे? किस फैक्ट्री का कौन-सा कचरा कौन-से नाले के रास्ते नदियों में गिरता है, तुझे पता नहीं है क्या? पता है तो रोक न फिर उसको!

समस्या नंबर ३. ग़रीबी और भूखमरी! फ़िक्र है?
समाधान: एक की तिजोरी में ही माल रहेगा तो बाकी तो गरीब रहेंगें ही. किसानों को उनकी उपज का भाव तय करने दो. वो सबको खिला देंगे.

समस्या नंबर ४. अशिक्षा विकास में बाधक है!
समाधान: गाँव में पेड़ के नीचे सेंट बोरियन में पढ़े पब्लिक और तिजोरी की लक्ष्मी के एवज में पब्लिक स्कूल में बांटोगे सरस्वती… तो शिक्षित कहाँ से होगी जनता? सबके लिए एक ही स्कूल वो भी बिना फ़ी का. बच्चे को कुछ बना पाये तो बड़ा होकर अपनी पढ़ाई का खर्चा चुका देगा। सिंपल!

ये तो एक नमूना है. आप समस्या बताओ, उसका समाधान है. बस नीयत होनी चाहिए।